Archive for the ‘international music’ Category
Prem Joshua – a beautiful track

प्रेम योशुआ, जो की कई सारे वाद्यों के कुशलाग्र है, मूलतः जर्मनीके वतनी और भारतीय शास्त्रीय संगीत में गहरी रूचि की वजह से भारत आकर विख्यात पंडितो से अलग अलग वाद्यों की सिक्षा पाकर फिलहाल भारतीय संगीत को मूल में रखकर fusion music की रचना करते है I यह गाना (जो की fusion है) मुख्यतः सितार पर आधारित है, साथ में फ्लूट, तबला, ड्रम, परकशन, और वोकल भी शामिल है I यह एक सरल कोम्पोसिशन है और आमद सरल रचनाये ही सुन्दर होती है I तो लुत्फ़ उठाइये इस सुन्दर रचना का….
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2 Jewels by 2 Masteros…
सन् १७२३ की बात है, इटली के सुन्दरतम शहर वेनिस में एक महान संगीतकार इतिहास रचने को था I उसके कोम्पोसिशन ” four seasons” के नाम से जगविख्यात होने को थे और दुनियाभरके कई संगीतकार “Four seasons” में से अपने सांगीतिक स्रोतों की प्रेरणा लेनेवाले थे I उस संगीतकार का नाम है एंटोनियो विवाल्डी, जिसकी गणना विश्व के महान “Baroque composers” में होती है I विवाल्डी खुद एक पादरी थे और एक अद्भूत वायोलिन वादक भी I उन्होंने कई कोंसेर्ट्स कोम्पोस किये है और करीबन ५० ओपेरा भी… आज हम दो गाने सुनेंगे, उसमे से एक कोम्पोसिशन विवाल्डी की “four seasons” में से है I
दुसरे गाने का प्रेरणा स्रोत Four seasons का ही कोम्पोसिशन है पर उसे पूरी अलग तरह से निभाया गया है I यह गाना विख्यात कोम्पोसर यान्नी ने अपने अमरीका की कोंसेर्ट टूर में प्रस्तुत किया था जो की “the storm” के नाम से विख्यात है I “the storm” मेरी पसंदीदा रचनाओं में से एक है I दो वायोलिन का बेजोड़ को-ओर्डिनेशन (played by Samvel Yervinayan of Armania and Sayaka Katsuki of Japan), हार्प का अद्भूत वादन ( Played by Victor Espinola of Paraguay) और हार्प के साथ ट्रम्पेट…. आय-हाय-हाय… क्या कहे… ( trumpet is played by Ramon Flores of Mexico)
यह दोनों कोम्पोसिशन तक़रीबन एक ही है… यान्नी ने अपने अंदाज़ में कुछ मिर्च मसाला डाला है, पर मज़े की बात ये है की दोनों रचनाये अपनी जगह पे लाजवाब है… एक है १७२३ की मूल रचना, और दूसरी है २००७ में प्रस्तुत टेक्नोलोजी आवृत रचना…..
यह रचना है विवाल्डी की ” Four Seasons” में से, The title is “Summer, 1-Allegro non Molto”
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यह रचना है यान्नी की “The Storm” जो की विवाल्डी की रचना से प्रेरित है 
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The storm का Live Performance video भी देखने लायक है…. नीचे क्लिक करे…
Yanni Storm
Wouldn’t It Be Loverly??…

आज एक ख़ास गाना एक ख़ास फिल्म से…. यह फिल्म मूल रूप से सांगीतिक नाटक है जो की ज्योर्ज बर्नार्ड शो के नाटक ‘पिग्मेलियन’ पर आधारित है I यह नाटक का मंचन १९५४ से शुरू हुआ जो की आज भी जारी है I यह नाटक के आधार पर १९६४ में एक फिल्म बनी जो की आज भी होलीवूड की ओल टाइम हीट फिल्मो में से एक है I दिग्दर्शन, अभिनय, डाय्लोग्स, संगीत, सिनेमेटोग्राफी…. फिल्म से जुड़े सारे पायदानों पर यह फिल्म एक माइलस्टोन की तरह है I फिम है ज्योर्ज कुकोर दिग्दर्शित “माय फेअर लेड़ी ” I इस फिल्म का संगीत दिया था ‘ फ्रेडरिक लोइवी’ ने I पुरे एक्ट के करीबन २६ गानों में हर एक गाना अपनी तरह से उम्दा हैऔर आज हम उसीका एक गाना सुनते है I यह गाना गया है ‘मारनी निक्सन’ ने I गाने की खूबी इसकी गायकी ही है, गाने के भाव-भंगिमा एवं उच्चारण अभिभूत कर देते है I सुनने के साथ ही हम जाने रोयल ब्रिटिश युग के नाट्यकाल में चले जाते है I यदि फिल्म देखी हो तो यह गाने को सुननेका मजा ही और है क्योकि हर गाना फिल्म की वार्ता का वहन करता है I फिल्म में यह गाना मूल नायिका ( ओद्रे हेपबर्न) पर फिल्माया गया है जो की गरीब है पर बड़े ही ऊंचे ख्वाब रखती है और उसकी इंग्लिश बिलकुल खराब है I तो चलिए सुनते है यह सुन्दर गाना… और हां.. अभी भी यह फिल्म देखनी बाकी हो तो जल्द ही देख लेना…
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Here are the lyrics…
It’s rather dull in town, I think I’ll take me to Paree.
Mmmmmm.
The mistress wants to open up
The castle in Capri.
Me doctor recommends a quiet summer by the sea!
Mmmm, Mmmm, wouldn’t it be loverly?
Eliza All I want is a room somewhere,
Far away from the cold night air.
With one enormous chair,
Aow, wouldn’t it be loverly?
Lots of choc’lates for me to eat,
Lots of coal makin’ lots of ‘eat.
Warm face, warm ‘ands, warm feet,
Aow, wouldn’t it be loverly?
Aow, so loverly sittin’ abso-bloomin’-lutely still.
I would never budge ’till spring
Crept over me windowsill.
Someone’s ‘ead restin’ on my knee,
Warm an’ tender as ‘e can be. ‘ho takes good care of me,
Aow, wouldn’t it be loverly?
Loverly, loverly, loverly, loverly
[REPEAT]
