Archive for October 3rd, 2011
बेजोड़ लावणी… फिल्म नटरंग से…
आज सुनेंगे ऐसा संगीत जो की प्रांतीय है यानी की प्रादेशिक है और नयी पीढ़ी का पसंदीदा है I बात विरोधाभासी है लेकिन सच है I आज हम मराठी फिल्म ‘नटरंग’ का गीत सुनेंगे I इसका संगीत दिग्दर्शन किया है अजय-अतुल ने, जो की काबिल-ए-दाद है I मराठी लावणी की स्टाइल को बरकरार रखकर distortion guitar, synth sounds का अद्भूत संगम इसमें किया गया है I आज जो गाना हम सुनने जा रहे है उस गाने की विशेषता है उसका अद्भूत एरेंजमेंट, उस गाने में उपयुक्त किये गए ताल वाद्य एवं ताल, और इस गाने की गायकी ( यह गाना बेला शिंदे और अजय-अतुल ने गाया है ) I दक्षिण भारत ने तो अपनी प्रादेशिक संगीत की लोकप्रियता, लोकचाहना के बलबूते पर साबित कर ही दी है, लेकिन उत्तर भारत का प्रादेशिक संगीत इतना लोकप्रिय हो एवं की जिसमे प्राचीन एवं अर्वाचीन गतिविधियों का सुभग संयोग हो ये ‘नटरंग’ के संगीत से माध्यमित होता है I अब तो विधविध प्रदेश के कई महानुभाव प्रादेशिक संगीत को अर्वाचीन पोशाक में प्रस्तुत करने लगे है जो की एक सराहनीय प्रयास है I गाने का नाम है “अप्सरा आली…” जो की मराठी फिल्म ‘नटरंग’ से है… सुनते है और मुग्ध होते है…
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