Archive for March, 2011
लुत्फ़.. आईरिश संगीतका…
अक्सर ऐसा होता है की किसी प्रांत के संगीत की वजह से उस प्रांत की पहचान होती है, जैसे की ‘गरबा’ से गुजरात या फिर ‘भांगड़ा’ से पंजाब I कुछ वैसा ही दुनियाके विभिन्न देशो में देखा गया है… मिसाल के तौर पर आयरलेंड, जब भी आईरिश संगीत बजता है तो मानो… समा खुशनुमा हो जाता है…. बड़े बड़े खेत खलिहान, नाचते झूमते कूदते लोग, सूरज की नर्म किरणे, ठंडी हवाएं, आनंद से खाना-पीना, पीले घास के बड़े बड़े बंधे ढेर, और बस आनंद ही आनंद… सच में विषादयोग की समाप्ति हो जाती है I आईरिश संगीत में मुख्यतः वायोलिन, फ्लूट, गिटार, हार्मोनिका, एकोर्डियन और वोकल्सका प्राधान्य होता है, लेकिन जो मजे की बात है वो है बजानेकी शैली… आप सुनेंगे तो खुद ही जान जायेंगे… यह गाना “दानु” नामक आईरिश बेन्ड का है और जो रिधम में यह गाना बज रहा है उसे ‘जिग’ ( या जिग्स) कहते है…. तो लीजिये सुनिए यह खुशनुमा आईरिश संगीत…
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